माघ मेला–2026 : स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्था, डॉ. सोनू सिंह बने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर।
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- उत्तर प्रदेश
- Updated: 3 January, 2026 22:57
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प्रयागराज. माघ मेला–2026 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं एवं आमजन को त्वरित, प्रभावी एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय एवं मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज में व्यापक चिकित्सा प्रबंध लागू कर दिए गए हैं। इस संबंध में प्रमुख अधीक्षक द्वारा विधिवत आदेश निर्गत करते हुए आरक्षित वार्डों, बेडों एवं चिकित्सकों की पालीवार ड्यूटी सुनिश्चित की गई है।
इसी क्रम में मेला अवधि के दौरान आपात चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने हेतु डॉ. सोनू सिंह को स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय का इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. सोनू सिंह सनातन रक्षा संघ के चिकित्सा प्रकोष्ठ के जोनल अध्यक्ष भी हैं तथा आपात एवं ट्रामा चिकित्सा सेवाओं में उनका दीर्घ अनुभव रहा है। उनकी नियुक्ति से इमरजेंसी एवं ट्रामा सेवाओं के संचालन, विभागीय समन्वय एवं त्वरित निर्णय प्रक्रिया को नई मजबूती मिलने की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है।
विभागानुसार आरक्षित बेडों की व्यवस्था
सर्जरी इमरजेंसी – 40 बेड
बर्न एवं बर्न आईसीयू – 20 बेड
एनेस्थीसिया आईसीयू – 10 बेड
वार्ड संख्या–7 – 20 बेड
ट्रामा एवं ट्रामा ट्राएज – 10 बेड
चिकित्सकीय ड्यूटी एवं आपात प्रबंधन
ट्रामा ट्राएज में प्रत्येक पाली में सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक एवं मेडिसिन विभाग के JR/SR चिकित्सकों की अनिवार्य तैनाती की गई है।
समस्त आरक्षित वार्डों में सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक एवं मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट चिकित्सकों की ड्यूटी प्रतिदिन पालीवार सुनिश्चित की गई है।
इमरजेंसी विभाग में वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी भी प्रत्येक दिवस पाली के अनुसार निर्धारित की गई है।
प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विभागाध्यक्ष एवं प्रभारी अधिकारी इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे, जिससे माघ मेला अवधि में किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
चिकित्सा प्रशासन के अनुसार डॉ. सोनू सिंह (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर एवं जोनल अध्यक्ष, चिकित्सा प्रकोष्ठ, सनातन रक्षा संघ) की तैनाती माघ मेला–2026 के दौरान आपात चिकित्सा सेवाओं को संगठित, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यापक चिकित्सा योजना से मेला अवधि में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य-सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्बाध एवं सशक्त चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया गया है।
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