BREAKING NEWS : प्रयागराज ₹750 की रसीद मांगना पड़ा भारी! डेढ़ लाख का iPhone हुआ ‘कैंसिल’!
- Posted By: Admin
- टेक्नोलॉजी
- Updated: 16 September, 2026 16:10
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Facebook पर JJ Communication को Follow किया, वीडियो में नंबर डालने को कहा गया—उसी नंबर पर आधे घंटे में आया फोन
प्रयागराज। Facebook पर एक आकर्षक मोबाइल ऑफर देखने के बाद शुरू हुई बातचीत उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब करीब ₹1.50 लाख के iPhone की डील के लिए ₹750 के भुगतान की मांग की गई और भुगतान से पहले रसीद की Receiving मांगने पर डिलीवरी कथित तौर पर कैंसिल कर दी गई।
मामला JJ Communication की Facebook वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में बताया गया था कि कंपनी को Follow करने के बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें, जिसके बाद Direct Phone करके मोबाइल Gift किया जाएगा।
इसी के चलते एक Facebook यूजर ने JJ Communication को Follow करने के बाद वीडियो में बताए गए स्थान पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया।
📞 आधे घंटे में उसी नंबर पर आया फोन!
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस मोबाइल नंबर को वीडियो में दर्ज किया गया था, लगभग आधे घंटे के भीतर उसी नंबर पर फोन आया।
फोन पर बातचीत के दौरान करीब ₹1.50 लाख कीमत के iPhone की डील की बात सामने आई। बातचीत में JJ Communication का नाम लिया गया और आधार कार्ड, वीडियो के स्क्रीनशॉट तथा डिलीवरी से संबंधित दस्तावेज/रसीदें भी दिखाई गईं।
शुरुआत में मामला वास्तविक प्रतीत हुआ।
💰 मांगे गए ₹750, तो उठी रसीद की मांग
डिलीवरी और भुगतान की प्रक्रिया के दौरान ₹750 का भुगतान करने को कहा गया।
इस पर ग्राहक ने कहा—
«“रसीद की Receiving तो आपको मिली होगी। उसकी फोटो मुझे भेज दीजिए, मैं आपको तुरंत ₹750 का भुगतान कर देता हूं।”»
इसके बाद DHL के नाम वाली एक रसीद दिखाई गई। ग्राहक ने उसकी Receiving और अन्य जानकारी दोबारा मांगी।
यहीं से बातचीत का रुख बदल गया।
🚨 प्रमाण मांगा तो डिलीवरी कर दी गई ‘कैंसिल’
ग्राहक के अनुसार, प्रमाण और Receiving मांगने पर सामने वाले ने नाराजगी जताते हुए कहा—
«“आपको लेना नहीं है, इसीलिए आप इस तरह कर रहे हैं। अब आपका नुकसान हो गया। आपका iPhone अब आपको नहीं मिलेगा। कैंसिल! आपकी डिलीवरी मैं कैंसिल करता हूं।”»
इसके बाद iPhone की डिलीवरी कैंसिल किए जाने की बात कही गई।
💳 भुगतान की जानकारी में दिखा दूसरे व्यक्ति का नाम
ग्राहक के अनुसार, पेमेंट की जानकारी देखने पर भुगतान “धर्मेंद्र कुमार” के नाम से दिखाई दे रहा था।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
🔴 वीडियो में नंबर देने के करीब आधे घंटे के भीतर उसी नंबर पर फोन कैसे आया?
🔴 ₹1.50 लाख के iPhone की डील में ₹750 का भुगतान किस आधार पर मांगा गया?
🔴 DHL की रसीद की Receiving मांगने पर आपत्ति क्यों हुई?
🔴 भुगतान किसी व्यक्ति के नाम पर क्यों दिखाई दिया?
🔴 सत्यापन और प्रमाण मांगने के बाद डिलीवरी अचानक कैंसिल क्यों कर दी गई?
⚠️ ₹750 नहीं दिए, लेकिन सवाल कई छोड़ गया यह मामला
ग्राहक ने ₹750 का भुगतान नहीं किया।
उनका कहना है कि छोटी रकम होने के बावजूद बिना पर्याप्त सत्यापन के भुगतान करना उचित नहीं लगा।
यह मामला ऑनलाइन खरीदारी और सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर्स को लेकर लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सावधानी का विषय बनकर सामने आया है।
🛡️ साइबर सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि सोशल मीडिया पर किसी ऑफर के आधार पर भुगतान करने से पहले—
✅ कंपनी की आधिकारिक जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करें।
✅ डिलीवरी एजेंसी और Tracking Number सत्यापित करें।
✅ रसीद और Receiving की पुष्टि करें।
✅ भुगतान किस व्यक्ति या संस्था के खाते में जा रहा है, यह देखें।
✅ आधार कार्ड, वीडियो या स्क्रीनशॉट को अकेला प्रमाण न मानें।
✅ किसी भी दबाव या जल्दबाजी में भुगतान न करें।
नोट: यह समाचार उपलब्ध कराए गए व्यक्तिगत अनुभव और संबंधित बातचीत के विवरण पर आधारित है। किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना इसका उद्देश्य नहीं है। मामले की वास्तविकता का अंतिम निर्धारण स्वतंत्र सत्यापन/जांच के बाद ही किया जा सकता है।
बड़ा सवाल
₹750 बचाना समझदारी थी या डेढ़ लाख का iPhone गंवा देना?
प्रयाग दर्पण | डिजिटल डेस्क
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