इस्लामाबाद/रावलपिंडी: पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के बीच खौफ का माहौल गहराता जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर रिजवान हनीफ ने स्वीकार किया है कि पिछले कुछ वर्षों में उसके संगठन के 30 से अधिक जिहादी मारे जा चुके हैं। यह कबूलनामा पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क की कमजोर होती पकड़ को उजागर करता है।
🔴 कबूलनामे की अहम बातें
हनीफ ने दावा किया कि रावलपिंडी से लेकर मुजफ्फराबाद (PoK) तक उसके संगठन के कई ऑपरेटिव्स को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया।
उसने आरोप लगाया कि इन हत्याओं के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों का हाथ है, हालांकि कोई सबूत पेश नहीं किया।
मारे गए जिहादियों की घटनाएं पेशावर, कराची, लाहौर, सियालकोट, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में हुईं।
⚔️ बौखलाहट और भड़काऊ बयान
अपने कैडरों की मौत से बौखलाए हनीफ ने भारत, अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ जहर उगला। उसने धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने की कोशिश की, ताकि गिरते मनोबल वाले आतंकियों को एकजुट रखा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयानबाज़ी उसकी हताशा और संगठन की कमजोर होती पकड़ का संकेत है।
भारत की नीति से जोड़कर देखा गया
रिजवान हनीफ के इस कबूलनामे को भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित बयान “घर में घुसकर मारेंगे” से जोड़ा जा रहा है।
पाकिस्तान के भीतर लगातार लश्कर, जैश और अन्य आतंकी संगठनों के कमांडरों के खात्मे ने पाकिस्तानी सेना और ISI की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Comments